जिनेवा, 30 सितंबर 2026
वैश्विक मानवीय सहायता में धन की कमी से करीब 83 लाख शरणार्थियों, विस्थापितों और राज्यविहीन लोगों की जीवनरक्षक मदद पर संकट गहरा गया है। संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी UNHCR ने चेताया है कि वित्तीय दबाव के कारण नकद सहायता, आश्रय, पानी, स्वास्थ्य और संरक्षण सेवाओं को सीमित करना पड़ रहा है।
धन की कमी का असर जरूरी सेवाओं पर
UNHCR के अनुसार, सहायता में कमी का असर नकद मदद, आश्रय, पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसी जरूरी सुविधाओं पर पड़ रहा है। एजेंसी ने कहा है कि संसाधनों की कमी के कारण कई कार्यक्रमों को सीमित करना पड़ा है और सहायता को सबसे गंभीर संकट वाले इलाकों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जा रहा है।
UNHCR के सामने बड़ी वित्तीय चुनौती
UNHCR के 2026 के वैश्विक आकलन के मुताबिक, एजेंसी को दुनिया भर में जबरन विस्थापित और राज्यविहीन लोगों की जरूरतों के लिए 10.632 अरब डॉलर की आवश्यकता है। एजेंसी ने कहा है कि मौजूदा वित्तीय दबावों के बीच सहायता कार्यक्रमों को चलाना कठिन हो रहा है।
निम्न और मध्यम आय वाले देशों पर ज्यादा दबाव
UNHCR के अनुसार, 2025 के अंत तक दुनिया में 4.16 करोड़ शरणार्थी थे। इनमें से करीब 68 प्रतिशत शरणार्थी निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रह रहे हैं, जहां स्थानीय संसाधनों पर पहले से दबाव है।