Gaborone, September 30, 2026
बोत्सवाना के 60वें स्वतंत्रता समारोहों के लिए 23 हाथियों के शिकार की अनुमति दिए जाने से देश की वन्यजीव नीति पर नया विवाद खड़ा हो गया है। संरक्षण समूहों ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय उत्सवों में हाथियों के मांस का इस्तेमाल संरक्षण संदेश को कमजोर कर सकता है।
बोत्सवाना में हाथी शिकार की अनुमति पर विवाद
बोत्सवाना सरकार ने 30 सितंबर 2026 को होने वाले 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोहों के लिए देश के आठ जिलों में 23 हाथियों के शिकार की अनुमति दी है। इस फैसले के बाद संरक्षण समूहों और वन्यजीव समर्थकों ने सरकार की आलोचना की है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पर्यावरण एवं पर्यटन मंत्रालय ने 11 सितंबर 2026 के एक सरकारी निर्देश में समारोहों के लिए निःशुल्क शिकार लाइसेंस जारी करने को मंजूरी दी। जिला प्रशासन और वन्यजीव अधिकारियों को शिकार की प्रक्रिया आगे बढ़ाने तथा संबंधित कानूनों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
संरक्षण समूहों ने उठाए सवाल
सरकार की योजना के तहत शिकार से प्राप्त जंगली मांस को स्वतंत्रता समारोहों में इस्तेमाल किया जाना है। बोत्सवाना इस वर्ष अपनी स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है और राष्ट्रीय कार्यक्रमों के साथ जिलों में सामुदायिक समारोह भी आयोजित किए जा रहे हैं।
आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रीय उत्सवों के लिए हाथियों को मारने का फैसला देश की वन्यजीव संरक्षण छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। संरक्षण कार्यकर्ताओं ने यह भी चिंता जताई है कि इससे समुदायों और शिकारियों के बीच हाथियों के संरक्षण को लेकर गलत संदेश जा सकता है।
मानव-हाथी संघर्ष के बीच नीति पर बहस
बोत्सवाना सरकार लंबे समय से हाथियों की बढ़ती संख्या और खेतों को होने वाले नुकसान को मानव-हाथी संघर्ष से जोड़ती रही है। देश में हाथियों के प्रबंधन को लेकर शिकार, सामुदायिक लाभ और ग्रामीण सुरक्षा के बीच संतुलन पर बहस जारी है।
सरकार के आधिकारिक मंत्रालयीय विवरण के अनुसार, वन्यजीव एवं राष्ट्रीय उद्यान विभाग का दायित्व वन्यजीवों और उनके आवासों का संरक्षण तथा प्रबंधन है। इसी ढांचे के तहत शिकार लाइसेंस और वन्यजीव उपयोग से जुड़े फैसले लागू किए जाते हैं।