New Delhi,Jan02,2026:Swiggy-Zomato डिलीवरी बॉयज़ को मिलेगा सरकारी कर्मचारी जैसा सुरक्षा कवच-अब भारत में एक नई हकीकत बनती जा रही है। केंद्र सरकार ने गिग इकॉनॉमी में काम करने वाले लाखों डिलीवरी बॉयज़, कैब ड्राइवर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठा लिया है-
इस फैसले के बाद Swiggy, Zomato, Blinkit, Uber और Ola जैसे प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले वर्कर्स को वह सुविधाएं मिलेंगी, जो अब तक सिर्फ सरकारी या बड़ी प्राइवेट कंपनियों के कर्मचारियों को मिलती थीं।
Gig Workers Social Security India क्यों है इतना अहम
पिछले कुछ वर्षों में भारत की गिग इकॉनॉमी बेहद तेजी से बढ़ी है। करोड़ों लोग आज अपनी रोज़ी-रोटी ऐप आधारित कामों से चला रहे हैं, लेकिन अब तक इनके पास न तो बीमा था, न पेंशन और न ही सामाजिक सुरक्षा।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में इस समय लगभग 77 लाख गिग वर्कर्स हैं, और 2030 तक यह संख्या 2.3 करोड़ तक पहुंच सकती है।
ऐसे में Gig Workers Social Security India इन वर्कर्स के लिए एक सुरक्षा कवच बनकर सामने आया है।
गिग वर्कर और प्लेटफॉर्म वर्कर कौन होते हैं
नए सोशल सिक्योरिटी कोड के अनुसार, गिग वर्कर वे लोग हैं जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अल्पकालिक या टास्क-आधारित काम करते हैं।
इसमें शामिल हैं
- Swiggy, Zomato, Blinkit के डिलीवरी पार्टनर
- Uber, Ola, Rapido के ड्राइवर
- वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स डिलीवरी स्टाफ
- ऐप आधारित सर्विस प्रोवाइडर
नया सोशल सिक्योरिटी कोड क्या है
केंद्र सरकार द्वारा लागू किया गया Social Security Code भारत के कई श्रम कानूनों को एक साथ जोड़ता है। इसमें पहली बार गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।
सरकार ने इसके लिए ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं, जिससे Gig Workers Social Security India को जमीन पर लागू किया जा सके।
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य- आधार और ई-श्रम पोर्टल
सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है।
मुख्य शर्तें
- 16 वर्ष से अधिक आयु का हर गिग वर्कर रजिस्ट्रेशन करेगा
- आधार कार्ड से लिंक अनिवार्य
- डेटा ई-श्रम पोर्टल पर दर्ज होगा
- हर वर्कर को एक यूनिक पहचान संख्या मिलेगी
- डिजिटल पहचान पत्र जारी किया जाएगा
यह व्यवस्था पीएफ नंबर की तरह काम करेगी।
90 दिन और 120 दिन का नियम क्या है
Gig Workers Social Security India का लाभ पाने के लिए न्यूनतम कार्यदिवस तय किए गए हैं।
नियम
- एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले वर्कर: 90 दिन
- एक से अधिक प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले वर्कर: 120 दिन
अगर कोई वर्कर एक ही दिन में तीन अलग-अलग कंपनियों के लिए काम करता है, तो उसे तीन दिन गिना जाएगा।
गिग वर्कर्स को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी
नए नियमों का मकसद गिग वर्कर्स को संगठित क्षेत्र जैसी सुरक्षा देना है।
प्रस्तावित सुविधाएं
- स्वास्थ्य बीमा
- जीवन बीमा
- दुर्घटना बीमा
- आयुष्मान भारत योजना से जुड़ाव
- भविष्य में पेंशन योजना
स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा का लाभ
डिलीवरी और ड्राइविंग जैसे कामों में जोखिम अधिक होता है। इसे देखते हुए सरकार:
- मुफ्त या रियायती स्वास्थ्य बीमा देगी
- काम के दौरान दुर्घटना पर बीमा कवर
- स्थायी विकलांगता या मृत्यु पर मुआवजा
आयुष्मान भारत से जुड़ेंगे गिग वर्कर्स
श्रम मंत्रालय गिग वर्कर्स को आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ने की प्रक्रिया में है।
इसके फायदे
- सालाना ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज
- सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज
पेंशन योजना पर भी काम जारी
हालांकि पेंशन योजना अभी प्रस्तावित चरण में है, लेकिन सरकार एक कंट्रीब्यूटरी पेंशन मॉडल पर विचार कर रही है।
संभावित मॉडल
- वर्कर का योगदान
- प्लेटफॉर्म कंपनी का योगदान
- सरकार की भागीदारी
यह Gig Workers Social Security India को और मजबूत बना सकता है।
कौन होगा पात्र और कौन नहीं
पात्र
- 16 से 59 वर्ष आयु के रजिस्टर्ड गिग वर्कर
- न्यूनतम कार्यदिवस पूरे करने वाले
अपात्र
- 60 वर्ष से अधिक आयु
- साल में तय दिन काम न करने वाले
हर साल पात्रता बनाए रखना जरूरी होगा।
Swiggy-Zomato जैसी कंपनियों की जिम्मेदारी
नए नियमों के तहत एग्रीगेटर कंपनियों को
- अपने सभी वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन कराना होगा
- डेटा नियमित रूप से अपडेट करना होगा
- थर्ड-पार्टी वर्कर्स को भी शामिल करना होगा
बनेगा नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड
सरकार एक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड बनाने जा रही है।
इसमें शामिल होंगे
- सरकार के प्रतिनिधि
- श्रमिक संगठनों के 5 सदस्य
- कंपनियों के 5 प्रतिनिधि
जिम्मेदारियां
- गिग वर्कर्स की संख्या तय करना
- नई कल्याणकारी योजनाएं बनाना
- शिकायतों का समाधान
भारत की गिग इकॉनॉमी पर असर
विशेषज्ञ मानते हैं कि Gig Workers Social Security India से
- वर्कर्स का भरोसा बढ़ेगा
- रोजगार की गरिमा सुधरेगी
- प्लेटफॉर्म इकॉनॉमी ज्यादा स्थिर बनेगी
गिग वर्कर्स के लिए नया युग
Gig Workers Social Security India सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों मेहनतकश लोगों को पहचान और सुरक्षा देने का कदम है।
Swiggy-Zomato डिलीवरी बॉयज़ और कैब ड्राइवर्स के लिए यह फैसला भविष्य को सुरक्षित बनाने वाला साबित हो सकता है।