GENEVA, September 29, 2026
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी UNHCR ने चेतावनी दी है कि फंडिंग में भारी कमी के कारण करीब 8.3 million refugees, अन्य जबरन विस्थापित और राज्यविहीन लोगों की जरूरी सहायता प्रभावित हो सकती है। एजेंसी ने कहा कि सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ी कई सेवाएं अब गंभीर दबाव में हैं।
किन सेवाओं पर पड़ रहा है असर?
UNHCR के अनुसार चाड में 3.19 लाख शरणार्थियों के पंजीकरण में देरी हो रही है। इससे उन्हें जरूरी दस्तावेज और सेवाएं मिलने में बाधा आती है। लगभग 2 लाख महिलाओं और लड़कियों के सुरक्षित स्थानों और रोकथाम कार्यक्रमों से वंचित होने का जोखिम है, जबकि करीब 2.33 लाख बच्चों की सुरक्षा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
इथियोपिया में लैंगिक हिंसा से बचे लोगों के लिए सुरक्षित घरों की क्षमता एक साल में आधे से अधिक घट गई है। कुछ इलाकों में बाल सुरक्षा कवरेज में 85 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। सूडान में यौन हिंसा से बचे हजारों लोगों और गंभीर जोखिम वाले बच्चों की सहायता भी प्रभावित होने की आशंका है।
UNHCR ने क्या अपील की?
UNHCR ने दाताओं और साझेदारों से तत्काल सहयोग तथा अधिक लचीली फंडिंग देने की अपील की है। एजेंसी के मुताबिक ऐसी फंडिंग से संसाधनों और विशेषज्ञों को बदलती जरूरतों के अनुसार तेजी से भेजना संभव होता है।
फंडिंग घटने का व्यापक असर
फंडिंग संकट का असर उन कार्यक्रमों पर भी पड़ रहा है जो विस्थापित लोगों को लंबे समय तक राहत पर निर्भर रहने के बजाय रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाने के लिए चलाए जाते हैं। चाड में करीब 3.95 लाख शरणार्थियों और मेजबान समुदाय के लोगों के लिए आजीविका, प्रशिक्षण और कारोबार सहायता प्रभावित होने के जोखिम में है।