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Iraq ISIS mission ends as UK and US troops leave

इराक में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ वैश्विक गठबंधन का सैन्य मिशन समाप्त हो गया है। ब्रिटिश कर्मी लौट चुके हैं और सुरक्षा सहयोग अब द्विपक्षीय ढांचे में जारी रहेगा।

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London/Baghdad | September 30, 2026

इराक में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ वैश्विक गठबंधन का सैन्य मिशन बुधवार, 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो गया। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने कहा कि गठबंधन बलों में शामिल ब्रिटिश कर्मी इराक से रवाना हो चुके हैं। अमेरिका और ब्रिटेन अब इराक के साथ दीर्घकालिक द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग पर काम करेंगे।

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इराक की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब स्थानीय बलों पर

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व के तहत इराक में चल रहा वैश्विक गठबंधन का सैन्य मिशन समाप्त हो गया है। गठबंधन में शामिल ब्रिटिश कर्मी भी इराक से रवाना हो चुके हैं। मिशन के बाद ब्रिटेन और इराक के बीच सुरक्षा सहयोग द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी के रूप में जारी रहेगा।

दस साल के अभियान के बाद बदला सैन्य ढांचा

ब्रिटिश सरकार ने कहा कि इराकी सुरक्षा बलों और कुर्द पेशमर्गा ने इस्लामिक स्टेट के क्षेत्रीय नियंत्रण को खत्म कर दिया है और देश की सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी संभालने की स्थिति में हैं। गठबंधन की भूमिका अब इराकी नेतृत्व वाली नई सुरक्षा व्यवस्था और दीर्घकालिक सहयोग की ओर बढ़ेगी।

ब्रिटेन का प्रशिक्षण और हवाई अभियान

ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्व वर्ष 2014 में शुरू किया गया था। ब्रिटेन ने ऑपरेशन शेडर के जरिए इराकी सुरक्षा बलों और पेशमर्गा को प्रशिक्षण, सलाह और तकनीकी सहायता दी। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ब्रिटिश बलों ने 1,11,000 से अधिक इराकी सुरक्षा कर्मियों को प्रशिक्षित किया, जिनमें 21,000 से अधिक पेशमर्गा सदस्य शामिल थे।

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अमेरिका-इराक संबंधों में नया चरण

ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स ने अभियान के दौरान दाएश के 2,300 से अधिक ठिकानों पर हमले किए और इराकी बलों के अभियानों के लिए निगरानी तथा टोही सहायता उपलब्ध कराई। लंदन ने कहा है कि दाएश की क्षेत्रीय हार के बावजूद उसकी हिंसक विचारधारा और नेटवर्क से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

सैन्य मिशन खत्म, आतंकवाद-रोधी सहयोग जारी

अमेरिका और इराक ने पहले ही गठबंधन के सैन्य मिशन को समाप्त कर द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों की ओर बढ़ने की योजना तय की थी। नई व्यवस्था में आतंकवाद-रोधी सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और इराकी बलों को सलाह देने जैसे क्षेत्र शामिल रहेंगे।

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