Connect with us

चुनाव

नंदीग्राम उपचुनाव: ममता गुट की प्रत्याशी ने नामांकन वापस लिया, ममता बनर्जी का कांग्रेस को समर्थन

Published

on

nandigram by election

कोलकाता | 18 सितंबर 2026

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है। ममता बनर्जी के गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता गुट ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की है।

Advertisement

संचिता प्रधान डे की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद नामांकन वापसी हुई। हालांकि संचिता ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया कि उन्होंने चुनावी मुकाबले से हटने का फैसला क्यों लिया।

ममता गुट ने 13 सितंबर को संचिता को नंदीग्राम और रबीउल आलम चौधरी को रेजीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया था। रेजीनगर में रबीउल आलम चौधरी मैदान में बने रहेंगे। दोनों सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर को और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन क्यों अहम है

नंदीग्राम केवल एक विधानसभा सीट नहीं, बंगाल की राजनीति का प्रतीक रहा है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी को राज्य की राजनीति के केंद्र में पहुंचाया था। अब उसी सीट पर ममता गुट का पीछे हटना और कांग्रेस के पक्ष में खड़ा होना चुनावी गणित से अधिक राजनीतिक संदेश है।

Advertisement

कांग्रेस को समर्थन देकर ममता गुट भाजपा विरोधी मतों के बिखराव को रोकने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इस फैसले से यह सवाल भी उठेगा कि क्या ममता गुट अपने संगठनात्मक दम पर चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं था, या फिर यह विपक्षी एकजुटता की सोची-समझी रणनीति है। इसका जवाब नतीजे देंगे।

दोनों टीएमसी गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न

चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को अंतरिम रूप से अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ का चुनाव चिह्न मिला है।

दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया है। आयोग ने फिलहाल दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और मूल ‘फूल-घास’ चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया है। मूल नाम और प्रतीक पर अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है।

Advertisement

नंदीग्राम की लड़ाई का पुराना राजनीतिक संदर्भ

2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव हार गई थीं। 2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर, दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी। उन्होंने भवानीपुर सीट रखी और नंदीग्राम से इस्तीफा दिया, जिसके बाद यहां उपचुनाव की जरूरत पड़ी।

अब नंदीग्राम उपचुनाव में मुकाबला केवल उम्मीदवारों का नहीं है। यह भाजपा के राजनीतिक प्रभुत्व, ममता गुट की रणनीति, कांग्रेस की स्वीकार्यता और विपक्षी वोटों की दिशा—चारों की परीक्षा बनेगा।

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

अनंत नाग दादा साहब फाल्के अवॉर्ड
बॉलीवुड4 सप्ताह ago

अनंत नाग दादा साहब फाल्के अवॉर्ड 2024 के लिए चुने गए, 22 सितंबर को होंगे सम्मानित

Rajasthan Nikay Chunav 2026
4 सप्ताह ago

राजस्थान निकाय चुनाव 2026: BJP वोट शेयर में आगे, कांग्रेस से सिर्फ 0.94% का अंतर; जयपुर री-पोलिंग में कांग्रेस का क्लीन स्वीप

पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 26.79 अरब डॉलर, पांच साल के उच्चतम स्तर पर
दुनिया4 सप्ताह ago

पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार 26.79 अरब डॉलर, पांच साल के उच्चतम स्तर पर

IIT बॉम्बे साहिल वाकोडे सुसाइड केस
अपराध3 सप्ताह ago

IIT बॉम्बे साहिल वाकोडे सुसाइड केस: प्रो. दुल्ला को डीन पद से हटाया, जाँच क्राइम ब्रांच को

अनंत नाग दादा साहब फाल्के अवॉर्ड
कला4 सप्ताह ago

अनंत नाग दादासाहेब फाल्के पुरस्कार 2026: रिपोर्ट में दावा, मोदी संदेश का जिक्र

Manipur Violence
4 सप्ताह ago

Manipur Violence: तामेंगलोंग और नोनी में हत्याओं के बाद फिर भड़की हिंसा, क्या है नया कुकी-नागा एंगल?

Trending Post